Anand Kumar Ashodhiya — Author · Poet · Researcher
अविकावनी हरयाणवी रागणी संग्रह
Avikavani Haryanvi Ragni Sangrah — सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक प्रतिरोध और भक्ति की लोकगाथा

पुस्तक विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अंग्रेज़ी शीर्षक | Avikavani Haryanvi Ragni Sangrah |
| लेखक | आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर) |
| भाषा | हिन्दी / हरियाणवी |
| पृष्ठ संख्या | 264 (प्रिंट संस्करण: 262) |
| प्रकाशन तिथि | 29 सितम्बर 2025 |
| ISBN | 978-93-344-2403-4 |
| विधा | लोककाव्य (रागनी संग्रह) · सामाजिक चेतना · भक्ति-काव्य · सांस्कृतिक विमर्श |
| शैक्षणिक क्षेत्र | हरियाणवी लोक-साहित्य, वाचिक परंपरा, लोक-संस्कृति, समाजभाषाविज्ञान, छंद-विधान |
| प्रकाशक | अविकावनी पब्लिशर्स (Avikavani Publishers) |
पुस्तक के बारे में
“अविकावनी हरयाणवी रागणी संग्रह” केवल लोकगीतों का संकलन नहीं, बल्कि हरियाणा की आत्मा, उसकी सांस्कृतिक धड़कन और सामाजिक चेतना का जीवंत दस्तावेज़ है। लेखक आनन्द कुमार आशोधिया ने हरियाणवी रागणी की पारंपरिक लोकध्वनि को समकालीन सोच, आध्यात्मिक गहराई और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा है। प्रत्येक रचना के साथ प्रस्तुत किया गया भाव-वक्तव्य पाठकों को रचना के मूल मर्म और अंतर्निहित संवेदना से जोड़ता है।
प्रमुख वैचारिक एवं संवेदनात्मक आयाम
- भक्ति और आध्यात्मिकता: “बम लहरी” और “दक्ष प्रजापति जयंती” जैसी रचनाएँ शिवभक्ति और धार्मिक इतिहास को लोकबोली में प्रतिष्ठित करती हैं, जिससे जनमानस में लोक-श्रद्धा और आस्था का संचार होता है।
- सामाजिक प्रतिरोध और सुधार: “किस्सा शाही लकड़हारा” में नारी गरिमा, स्वाभिमान और सहभागिता की पुकार है, वहीं “इंटरनेट मोबाइल खतरा” और “बदल गया इन्सान” जैसी रचनाएँ आधुनिकता के नाम पर फैलती सामाजिक विकृतियों, नैतिक पतन और पाखंड पर करारा व्यंग्य करती हैं।
- सांस्कृतिक पुनरुद्धार और अस्मिता: यह संग्रह भूले-बिसरे लोक-नायकों, ग्रामीण जीवन के नैतिक मूल्यों और पारंपरिक विरासत को पुनर्जीवित कर हरियाणवी अस्मिता पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।
- काव्य-शिल्प एवं परिष्कार: लेखक की तीन दशकों से अधिक की निरंतर साहित्यिक साधना इस संग्रह में स्पष्ट दिखाई देती है, जहाँ गेयता, छंद-शुद्धता और संप्रेषणीयता का उत्कृष्ट संतुलन साधा गया है।
“हरियाणवी रागणी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जन-मन की चेतना, सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक प्रतिरोध का सशक्त माध्यम है।”
उद्धरण कैसे दें
Ashodhiya, Anand Kumar. (2025). Avikavani Haryanvi Ragni Sangrah. Avikavani Publishers.
@book{ashodhiya2025avikavaniragni,
title = {Avikavani Haryanvi Ragni Sangrah},
author = {Ashodhiya, Anand Kumar},
year = {2025},
publisher = {Avikavani Publishers},
isbn = {978-93-344-2403-4},
language = {Hindi},
note = {A Curated Collection of Haryanvi Ragnis Preserving Oral Folk Tradition, Cultural Consciousness, and Social Resistance},
url = { https://anandkumarashodhiya.github.io/anand-kumar-ashodhiya/books/avikavani-ragni-sangrah.html }
}
संबंधित शोध प्रकाशन
लेखक के लोक-साहित्य, छंद-विधान और सांस्कृतिक अध्ययन से जुड़े अन्य शोध प्रकाशन:
- Heer–Ranjha (Ragnis 1–7) — Pingal Prosody Analysis
- Heer–Ranjha (Ragnis 8–16) — Cultural Study
- Bhagat Puranmal — Literary & Cultural Review
शैक्षणिक प्रभाव
उद्धरण, DOI-अनुक्रमित प्रकाशन, शोध-प्रोफ़ाइल और मापदंड देखने के लिए: उद्धरण एवं DOI सूची
उपलब्धता
- Amazon पेपरबैक (₹357)
- Pothi.com प्रिंट संस्करण (₹307)
- Amazon किंडल ई-बुक (₹240)
- Google Play Books ई-बुक (₹198.24)
तकनीकी शोध प्रलेखन
भाषाई संसाधन, ग्रंथसूची, शोध-पद्धति और तकनीकी प्रलेखन प्रोजेक्ट विकि पर उपलब्ध हैं:
- शोध विकि मुख्य पृष्ठ — परियोजना का परिचय और शोध-प्रलेखन
- पिंगल शास्त्र पद्धति — हरियाणवी रागनी विश्लेषण की तकनीकी पद्धति
- ग्रंथसूची एवं शोध सूचकांक — ISBN-युक्त पुस्तकों और DOI-अनुक्रमित प्रकाशनों की ग्रंथसूची
- हरियाणवी छंद-शब्दावली — पिंगल शास्त्र और हरियाणवी छंद-विज्ञान की शब्दावली
🌐 Official Academic & Research Profiles
- 🚀 Google Scholar: Full Citation Index & Impact Metrics
- 🆔 ORCID iD: 0009-0005-1592-0592 (Verified Researcher Record)
- 📂 Zenodo Archive: DOI-Indexed Research Repository
- 🌍 OpenAIRE: European Open Science Discovery Portal
- 🎓 Academia.edu: Independent Researcher Profile
Citation counts, indexing records, and metadata visibility are periodically updated by their respective platforms. For formal scholarly reference, please use permanent identifiers and DOI-linked resources wherever available.
© 2026 Anand Kumar Ashodhiya | Independent Researcher & Former Warrant Officer, Indian Air Force