Anand Kumar Ashodhiya

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Anand Kumar Ashodhiya Anand Kumar Ashodhiya — Author · Poet · Researcher

द्रौपदी: एक लोक चेतना — रागनी, समीक्षा और पुनर्पाठ

Draupadi: Ek Lok Chetna — हरियाणवी रागनी परंपरा, स्त्री-विमर्श एवं लोक-प्रतिरोध के आलोक में द्रौपदी का पुनर्पाठ

द्रौपदी: एक लोक चेतना — पुस्तक आवरण

पुस्तक विवरण

विवरण जानकारी
अंग्रेज़ी शीर्षक Draupadi: Ek Lok Chetna — Ragni, Review and Reinterpretation
लेखक आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)
भाषा हिन्दी / हरियाणवी
पृष्ठ संख्या 488 (प्रिंट संस्करण: 486)
प्रकाशन तिथि 29 अक्टूबर 2025
ISBN 978-93-344-4058-4
विधा लोककाव्य · स्त्री-विमर्श · रागनी समीक्षा · सांस्कृतिक पुनर्पाठ
शैक्षणिक क्षेत्र महाभारत अध्ययन, क्षेत्रीय लोक-साहित्य, जेंडर एवं स्त्री-विमर्श, वाचिक परंपरा, सांस्कृतिक प्रतिरोध
प्रकाशक अविकावाणी पब्लिशर्स (Avikavani Publishers)

पुस्तक के बारे में

“द्रौपदी: एक लोक चेतना – रागनी, समीक्षा और पुनर्पाठ” भारतीय महाकाव्य महाभारत की केंद्रीय स्त्री पात्र द्रौपदी को हरियाणवी लोक-साहित्य और जन-मानस की दृष्टि से पुनर्व्याख्यायित करने वाला एक वृहद् शोध-ग्रंथ है। परंपरागत विमर्शों में सामान्यतः पीड़िता या प्रतिशोध की प्रतीक मानी जाने वाली द्रौपदी को लेखक आनन्द कुमार आशोधिया ने एक लोक-नायिका के रूप में प्रस्तुत किया है—जहाँ वह केवल एक आख्यानात्मक पात्र नहीं, बल्कि जन-मन की चेतना, आत्मसम्मान और प्रतिरोध की सशक्त आवाज़ बनकर उभरती है।

त्रि-खंडीय संरचना

यह पुस्तक तीन सुव्यवस्थित एवं अंतर्संबंधित खंडों में विभाजित है:

  1. रागनी संग्रह खंड: हरियाणवी लोक कवियों और साँग परंपरा द्वारा रचित द्रौपदी विषयक प्रतिनिधि रागनियों का प्रामाणिक संकलन, जो द्रौपदी के स्वाभिमान, साहस और संघर्षशील व्यक्तित्व को उजागर करता है।
  2. समीक्षा खंड: रागनियों का शिल्पगत, भावगत, छंद-विधान और विमर्शात्मक विश्लेषण, जहाँ द्रौपदी के चरित्र को तत्कालीन सामाजिक संदर्भों और लोक-संस्कृति की कसौटी पर परखा गया है।
  3. पुनर्पाठ खंड: आधुनिक स्त्री-विमर्श और सांस्कृतिक समाजशास्त्र के आलोक में चरित्र का पुनर्मूल्यांकन, जहाँ द्रौपदी नारी अस्मिता, नैतिक दृढ़ता और सांस्कृतिक पुनरावृत्ति की जीवंत प्रतीक सिद्ध होती है।

विचार और दृष्टि

यह कृति सिद्ध करती है कि लोक-साहित्य केवल अतीत का मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक प्रतिरोध का निरंतर प्रवाह है। भाषा की सरलता, शोधपरक गंभीरता और शास्त्रीय अनुशासन के समन्वय के कारण यह ग्रंथ साहित्य, संस्कृति और समाजशास्त्र के अध्येताओं के लिए एक अपरिहार्य संदर्भ प्रस्तुत करता है।

उद्धरण कैसे दें

Ashodhiya, Anand Kumar. (2025). Draupadi: Ek Lok Chetna — Ragni, Samiksha Aur Punarpath. Avikavani Publishers.

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