Anand Kumar Ashodhiya

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Anand Kumar Ashodhiya Anand Kumar Ashodhiya — Author · Poet · Researcher

प्रेम के सौ रंग — आधुनिक हिंदी लघुकविता

Prem Ke Sau Rang — मानवीय संवेदना, सामाजिक चेतना एवं आत्मिक संवाद की लघुकविताएँ

प्रेम के सौ रंग — पुस्तक आवरण

पुस्तक विवरण

विवरण जानकारी
अंग्रेज़ी शीर्षक Prem Ke Sau Rang — Modern Hindi Short Poetry
लेखक आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)
भाषा हिन्दी
पृष्ठ संख्या 122
प्रकाशन वर्ष 2025
ISBN 978-93-344-5526-7
विधा आधुनिक लघुकविता · समकालीन काव्य · भाव एवं विचार-विमर्श
शैक्षणिक क्षेत्र समकालीन हिन्दी साहित्य, लघुकविता विधा, सौंदर्यशास्त्र, सामाजिक चेतना, आधुनिक संवेदना
प्रकाशक अविकावनी पब्लिशर्स (Avikavani Publishers)

पुस्तक के बारे में

“प्रेम के सौ रंग — आधुनिक हिंदी लघुकविता” लेखक आनन्द कुमार आशोधिया द्वारा रचित एक सौ लघुकविताओं का संवेदनशील संग्रह है, जो प्रेम को केवल वैयक्तिक या रोमांटिक भाव तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक, आध्यात्मिक और मानवीय उत्तरदायित्व के रूप में प्रस्तुत करता है। यह संग्रह समकालीन हिन्दी साहित्य में लघुकविता विधा की सघनता, शक्ति और संप्रेषणीयता को प्रामाणिक रूप से रेखांकित करता है।

विद्वत् समीक्षा एवं सम्मतियाँ

  • भूमिका (अशोक कुमार जाखड़ ‘निस्वार्थी’): वरिष्ठ साहित्यकार अशोक कुमार जाखड़ ‘निस्वार्थी’ के अनुसार यह संग्रह केवल सौ कविताएँ नहीं, बल्कि समाज, परिवेश और आत्मचिंतन की सौ जीवंत बूँदें हैं—जो मौन में मुखरता और शब्दों में गहन संवेदना का संचार करती हैं।
  • प्रस्तावना (प्रो. रूप देवगुण): प्रो. रूप देवगुण ने इसे हिन्दी की लोकसंवेदना की आत्मा निरूपित करते हुए स्पष्ट किया है कि ये रचनाएँ प्रेम को सामाजिक चेतना, मातृत्व, त्याग, बलिदान और आत्म-साधना के विराट परिप्रेक्ष्य में देखती हैं।
  • समीक्षात्मक दृष्टि (डॉ. चन्द्रदत्त शर्मा): डॉ. चन्द्रदत्त शर्मा इसे सौंदर्य और समाज का साझा दस्तावेज़ मानते हैं। कवि ने लघुता में विराटता साधते हुए आठ-दस पंक्तियों में एक मुकम्मल विचार, कहानी या भावनात्मक क्षण को संपूर्णता प्रदान की है।

काव्य-शिल्प और संवेदना

संग्रह में प्रयुक्त बिम्ब जैसे ‘बलिदान की लौ’, ‘वर्दी में गर्व’, और ‘शांति का स्वर’ हृदय को सीधे स्पर्श करते हैं। यह कृति उन पाठकों के लिए एक अनिवार्य संकलन है जो प्रेम को विचार, उत्तरदायित्व और आत्मिक संवाद के रूप में अनुभव करना चाहते हैं।

उद्धरण कैसे दें

Ashodhiya, Anand Kumar. (2025). Prem Ke Sau Rang: Adhunik Hindi Laghukavita. Avikavani Publishers.

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लेखक के लोक-साहित्य, छंद-विधान और साहित्यिक अध्ययन से जुड़े अन्य शोध प्रकाशन:

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